Haryana News: हरियाणा के स्कूलों में शिक्षा की जांच पर निकली अफसरों की टीम! जानिए क्या है खास मिशन

On: July 6, 2025 2:04 PM
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Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में कुल 7 HCS अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसका नेतृत्व माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से किया जा रहा है। यह समिति प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर स्कूलों का निरीक्षण करेगी और एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। मुख्य रूप से इस रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि स्कूलों में लगाए गए डिजिटल बोर्ड का कितना और कैसा उपयोग हो रहा है। क्या ये बोर्ड केवल शोपीस बनकर रह गए हैं या वाकई में कक्षा में पढ़ाई का माध्यम बन चुके हैं।

समिति का दूसरा मुख्य बिंदु यह है कि छात्रों को दिए गए टैबलेट का सही वितरण हुआ है या नहीं। क्या ये टैबलेट सभी छात्रों तक पहुंचे हैं या किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि छात्रों द्वारा इन टैबलेट्स का सही उपयोग हो रहा है या इनका दुरुपयोग किसी और काम के लिए किया जा रहा है। यह सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि सरकार ने शिक्षा के डिजिटल सशक्तिकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं।

ICT और लैंग्वेज लैब का भी होगा विशेष निरीक्षण

इन दोनों तकनीकी पहलुओं के अलावा समिति स्कूलों में स्थापित ICT लैब और भाषा प्रयोगशालाओं की स्थिति की भी रिपोर्ट तैयार करेगी। यह देखा जाएगा कि ये प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं या नहीं। यदि ये स्थापित हैं तो क्या बच्चों को इनसे कोई लाभ मिल रहा है या नहीं। शिक्षा के क्षेत्र में इन प्रयोगशालाओं का काफी महत्व है क्योंकि ये छात्रों को टेक्नोलॉजी और भाषा दोनों में दक्ष बनाती हैं।

जिला अनुसार तय किए गए निरीक्षण अधिकारी

इस पूरे मिशन को विस्तार से लागू करने के लिए हर अधिकारी को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। अमृता सिंह को पंचकूला और यमुनानगर सौंपा गया है। कमलप्रीत कौर को कैथल, जींद और करनाल की जिम्मेदारी दी गई है। ममता को अंबाला और कुरुक्षेत्र सौंपा गया है। वहीं सुरेंद्र सिंह हिसार, फतेहाबाद और सिरसा का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा संजीव कुमार महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल और फरीदाबाद की रिपोर्ट तैयार करेंगे। मयंक वर्मा को गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और रेवाड़ी का जिम्मा सौंपा गया है। रोहतक, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी की देखरेख हिमांशु चौहान करेंगे।

हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। डिजिटल बोर्ड, टैबलेट, लैब जैसी सुविधाएं दी गई हैं। अब इनका जमीन पर कितना फायदा हो रहा है यह जानने के लिए यह समिति बनी है। रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में न सिर्फ कमियों को दूर किया जाएगा बल्कि नई योजनाओं की दिशा भी तय होगी। यह कदम शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई सामने लाएगा और सरकार को सुधार का मौका भी देगा।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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