Haryana GST Rate: हरियाणा में लागू हुई नई GST दरें, गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को 4000 करोड़ रुपये का सीधा मिलेगा लाभ

On: September 23, 2025 2:29 PM
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Haryana GST Rate: हरियाणा में लागू हुई नई GST दरें, गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को 4000 करोड़ रुपये का सीधा मिलेगा लाभ

Haryana GST Rate: केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में संशोधन के बाद हरियाणा में भी सोमवार से नई जीएसटी दरें लागू हो गई हैं। जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के अनुरूप प्रदेश सरकार ने हरियाणा माल एवं सेवा कर (एचजीएसटी) में कई बदलाव किए हैं। परिवहन शुल्क, उपभोक्ता वस्तुएं, कृषि उपकरण और विभिन्न सामानों पर टैक्स कम किया गया है।

आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त और सचिव आशिमा बराड़ तथा आयुक्त विनय प्रताप सिंह की तरफ से इस संबंध में कई अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। इसके तहत दो करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को वार्षिक रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं होगी। अनुमान है कि जीएसटी दरों में बदलाव से हरियाणा के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को करीब चार हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

पैक्ड दूध और पनीर पर जीएसटी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। वहीं, घी, मक्खन और सूखे मेवे पर दरें 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई हैं। रोटी और परांठा जैसे खाद्य पदार्थों पर जीएसटी हटाने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं और जीवन व स्वास्थ्य बीमा पर भी टैक्स समाप्त कर दिया गया है। डायग्नोस्टिक किट जैसे ग्लूकोमीटर और रीजेंट पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू किया गया है।

छोटी कारों पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए वाहन अधिक किफायती होंगे और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मांग बढ़ेगी। वहीं, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, सिगरेट और चीनी युक्त पेय पदार्थों पर जीएसटी बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है ताकि हानिकारक उत्पादों की खपत कम हो।

सीमेंट पर जीएसटी घटाने से मकान बनाना आम लोगों के लिए आसान होगा। सिंचाई और जुताई मशीनरी जैसे कृषि उपकरणों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है, जिससे किसानों को उपकरण सस्ते मिलेंगे। जैव-कीटनाशक और उर्वरक जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड पर भी पांच प्रतिशत जीएसटी लागू किया गया है। ट्रैक्टर और उनके पुर्जों पर भी टैक्स दर कम की गई है, जिससे कृषि लागत कम होगी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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