Haryana Deendayal Yojana: आर्थिक संकट में फंसे परिवारों को मिलेगा सरकार का सहारा! जाने योजना ससे जुडी सभी जानकारी

On: July 9, 2025 2:44 PM
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Haryana Deendayal Yojana: हरियाणा सरकार ने वर्ष 2023-24 के बजट में ‘हरियाणा दीनदयाल योजना’ की शुरुआत की थी जिसका मकसद समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस योजना के तहत किसी परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु या स्थायी अपंगता होने पर सरकार आर्थिक सहायता देती है। यह योजना खास उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम है और जिनके सदस्य की उम्र 6 से 60 वर्ष के बीच है।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें सहायता राशि व्यक्ति की उम्र के अनुसार तय की गई है। 6 से 12 साल तक के बच्चों को ₹1 लाख, 12 से 18 साल वालों को ₹2 लाख, 18 से 25 को ₹3 लाख, 25 से 45 को ₹5 लाख और 45 से 60 साल तक वालों को ₹3 लाख दिए जाते हैं। साथ ही इसमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और सुरक्षा बीमा योजना की राशि भी जुड़ जाती है जिससे कुल सहायता और अधिक हो जाती है।

सरकार का संकल्प

हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी गरीब परिवार संकट के समय अकेला न महसूस करे। इसी सोच के तहत इस योजना को ‘हरियाणा दयालु योजना’ और ‘हरियाणा दीनदयाल योजना’ जैसे नामों से भी जाना जाता है। इस योजना को हरियाणा फैमिली सिक्योरिटी ट्रस्ट के माध्यम से लागू किया जा रहा है जिससे पारदर्शिता और तेजी बनी रहती है।

कौन होगा पात्र और किसे मिलेगी मदद?

अगर परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है तो सहायता राशि परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। यदि कोई व्यक्ति अपंग हो जाता है तो राशि सीधे उसके खाते में आती है। अगर मुखिया ही अपंग हो जाए या मर जाए तो सबसे वरिष्ठ सदस्य को राशि दी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जो हरियाणा के स्थायी निवासी हों जिनकी वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम हो और जिनके पास परिवार पहचान पत्र यानी PPP नंबर हो।

योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल से किया जाता है। “Apply Scheme” पर क्लिक कर प्रकार चुनें: ‘किंधालु योजना’ (हादसे से मृत्यु या अपंगता) या ‘किंधालु-2 योजना’ (जानवरों के हमले से मृत्यु/अपंगता)। फिर PPP नंबर डालें, विवरण भरें और दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन 3 महीने के अंदर करना जरूरी है। इसके बाद हरियाणा फैमिली सिक्योरिटी ट्रस्ट द्वारा आवेदन की जांच की जाती है और जानकारी सही पाए जाने पर सहायता राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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