Haryana CM Nayab Saini ने युवाओं को दिया बड़ा संदेश, 1.80 लाख सरकारी नौकरी और शिक्षा सुधारों का रोडमैप

On: October 16, 2025 8:26 PM
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Haryana CM Nayab Saini ने युवाओं को दिया बड़ा संदेश, 1.80 लाख सरकारी नौकरी और शिक्षा सुधारों का रोडमैप

Haryana के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर जोर दे रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर प्रदान करना है, ताकि वे समाज और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।

 

उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक योग्य युवाओं को पूरी तरह मेरिट के आधार पर 1.80 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, बिना किसी ‘खर्ची-पर्ची’ के, और तीसरे कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगातार मेहनत करते रहें, क्योंकि उनका परिश्रम निश्चित रूप से रंग लाएगा।

बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की चौथी दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को रोटक स्थित बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्ताल बोहर में चौथे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को पदक और डिग्रियां प्रदान कीं। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी शैक्षणिक संस्थान की उपलब्धियों और गौरव का प्रतीक होता है। उन्होंने बताया कि 2012 में स्थापित बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय इस पवित्र भूमि से जुड़े ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और कौशल विकास से शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि युवाओं को ऐसी शिक्षा प्राप्त हो जो उन्हें रोजगार योग्य बनाए, उनके चरित्र का निर्माण करे और उनमें नैतिक मूल्यों का समावेश करे। इसी उद्देश्य के तहत देशभर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। हरियाणा पहला राज्य है जिसने 2024 तक अपने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर छात्र को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ रोजगार-उन्मुख प्रशिक्षण मिले। इसके लिए कई ठोस पहलें की गई हैं, जैसे स्कूलों में NSQF, कॉलेजों में ‘पहल योजना’, विश्वविद्यालयों में इनक्यूबेशन सेंटर और तकनीकी संस्थानों में उद्योगों के साथ MoU।

शिक्षा और उद्योग के बीच पुल और नवाचार से राज्य में शिक्षा का विस्तार

सीएम ने कहा कि 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा और रोजगार के बीच के अंतर को पाटना है। इसके लिए शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि इसे उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं से सीधे जोड़ना होगा। राज्य की सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को इंडस्ट्री-एकेडेमिया पार्टनरशिप मॉडल अपनाना चाहिए। इस दिशा में सरकार ने तकनीकी संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए 580 से अधिक उद्योगों के साथ समझौते किए हैं।

 

उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य में KG से PG तक शिक्षा देने वाले संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में 80 नए सरकारी कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 30 केवल लड़कियों के लिए हैं। इसी अवधि में 13 नई विश्वविद्यालयें और चिकित्सा कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 17 कर दी गई है, जबकि MBBS सीटें 700 से बढ़ाकर 2,435 की गई हैं। इसके अलावा 15 नए सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान खोले गए हैं, जिससे संस्थानों की कुल संख्या 43 हो गई है और उनकी क्षमता 16,434 तक बढ़ी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से सरकार ने युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उनके लिए नौकरी सुरक्षा भी सुनिश्चित की है।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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