भिवाड़ी: होली के अवसर पर भिवाड़ी में लगने वाले तीन (BABA MOHANRAM MELA)दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमडी। कालीखोली स्थित बाबा मोहनराम मंदिर में विशेष आयोजन के तहत श्रऋालुओं ने “जोत” के दर्शन किए गए। पिछले दो दिन से बाबा के दरबार में पहुंचने वानो का तांता लगा हुआ है। मेंले में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
मदिर समिति ने विशेष इंतजाम: मंदिर परिसर में व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष इंतजाम किए थे। भक्तों ने अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में भाग लिया। मंदिर में लगी रंग-बिरंगी झूलों और सजावट ने मेले को और आकर्षक बना दिया। मेंले से सुबह से बाबा के जौत के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ की भीड लगी रही।
बता दे हर साल यह मेला होली के अवसर पर आयोजित होता है और इसकी खासियत बाबा मोहनराम मंदिर में “जोत” के दर्शन हैं। आयोजकों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खाने-पीने और पार्किंग की व्यवस्था भी की गई थी। मेले में आए श्रद्धालुओं ने साफ-सुथरी व्यवस्था और भव्य आयोजन की तारीफ की।

मेला केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक मिलन और सांस्कृतिक प्रस्तुति का भी माध्यम बना। कई स्थानों से आए परिवारों ने अपने बच्चों के साथ खेल, झूले और अन्य मनोरंजन गतिविधियों का आनंद लिया।
भिवाड़ी के स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कहा कि होली मेला क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने से आसपास के बाजारों में व्यापार भी बेहतर हुआ।
श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा किए गए व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की सराहना की। मंदिर में होली और “जोत” दर्शन के इस अवसर ने भिवाड़ी में सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को और मजबूत किया।
5 जगह बनाए पार्किंग स्थल: मेले में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए पुलिस ने 6 स्थानों पर पार्किंग तय की है. मेले में पुलिस सहायता और मेला कंट्रोल रूम में स्थापित किए गए हैं. मेले में भिवाड़ी सहित जयपुर रेंज के 500 पुलिसकर्मियों, बॉर्डर होम गार्ड और होम गार्ड के 350 जवान भी तैनात रहेंगे. मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए दो वॉच टावर, नीला घोड़ा और बंशीवाल धर्मशाला पर बनाए गए हैं
जानिए कब कब लगता है मेला: बता दे कि बाबामोहनराम की तपोभूमि भिवाड़ी में बाबा मोहनराम का मुख्य मेला साल में दो बार लगता है। होली और रक्षाबंधन की दौज को भरता है। इसके अलावा हर माह की दौज पर मेला भरता है। जिसमें बाबा की ज्योत के दर्शन करने के लिए यूपी, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से श्रद्धालु आते हैं।
ट्रस्ट के अनुसार करीब 350 साल पहले मिलकपुर गांव में रहने वाले नन्दू भगत को बाबा मोहनराम ने दर्शन दिए। बाबा मोहनराम ने नन्दू भगत को वचन दिया कि वह प्राणीमात्र की सभी समस्याओं में उनकी सेवा करे। उनके द्वारा कहे गए वचनों को वह पूरा करेंगे। यह आशीर्वाद उनके वंशजों पर भी बना रहेगा। जिसके बाद नन्दू भगत ने काली खोली बाबा के प्रकट होने वाले स्थान पर ज्योत जलाई।
साथ ही मिलकपुर स्थित जोहड़ की पाल पर कुटिया बनाकर बाबा मोहनराम की भक्ति करने लगे। तब से मिलकपुर में बाबा मोहनराम का पूजास्थल बनाकर अखंड ज्योत के साथ पूजा होने लगी। बाबा के मंदिर में श्रद्धालु आने लगे। इसके बाद भिवाड़ी क्षेत्र के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शनों को आने लगे। फिलहाल लल्लू भगत की सातवीं पीढ़ी के वंशज मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।













