धारूहेड़ा। शहर के लालमन रामबाग परिसर में शुक्रवार को 73वीं श्रीरामलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रीराम रामलीला क्लब द्वारा आयोजित इस आयोजन का उद्घाटन नगर पालिका उप प्रधान अजय जांगड़ा ने रिबन काटकर किया। मुख्य अतिथि के रूप में अजय जांगड़ा ने कहा कि नगरवासी भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र से प्रेरणा लेकर उनके गुणों को जीवन में धारण करें।
इस अवसर पर श्रीराम रामलीला क्लब के प्रधान दिलीप सिकरवाल, उप प्रधान मुकेश चांगा, सचिव रमेश सिकरवाल और कोषाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का गदा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनिवास सुखरालिया, समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल, कृष्ण स्वामी, मोदी प्रधान और धर्मपाल श्योरान मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने रामलीला क्लब को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। क्लब के निदेशक रतन चंद सैनी ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
रामलीला के प्रथम दिवस “नारद मोह” प्रसंग का मंचन किया गया। कथा के अनुसार देवर्षि नारद के मन में मोह उत्पन्न होने पर भगवान विष्णु नगर बसाकर राजा शील निधि और उनकी पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाते हैं। विश्व मोहिनी को देखकर नारद विवाह की इच्छा जताते हैं और भगवान विष्णु से हरि रूप मांगते हैं। लेकिन भगवान उन्हें वानर रूप प्रदान कर देते हैं, जिसके चलते स्वयंवर में उनका अपमान होता है और क्रोधित होकर नारद भगवान विष्णु को श्राप देते हैं। इस श्राप के कारण विष्णु अवतार में श्रीराम को वनवास और पत्नी वियोग का सामना करना पड़ता है।
मंचन में नारद की भूमिका डॉक्टर अश्विनी जोशी ने निभाई। राजा इंद्र बने रणवीर प्रजापत, परियों की भूमिकाएं प्रकाश प्रजापत, लीलाधर सेन और अरुण सेन ने निभाईं। राजा शील निधि का अभिनय शेर सिंह प्रजापत ने किया, जबकि मंत्री की भूमिका सुभाष जांगड़ा ने निभाई। इसके अलावा राहुल जोशी ने ब्रह्मा, डॉक्टर सुभाष अग्रवाल ने विष्णु, लक्ष्मण प्रजापत ने शंकर और लीलाधर सेन ने भी विशेष भूमिकाएं अदा कीं।













