Haryana Widow Pension Scheme: हरियाणा सरकार ने विधवा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विधवा अनुदान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, योग्य विधवा महिलाओं को अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने के लिए बैंकों से तीन लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। झज्जर के डिप्टी कमिश्नर स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। विधवा अनुदान योजना ऐसी ही एक पहल है।
सरकार बजट में सब्सिडी भी देगी
इस योजना के तहत, राज्य में योग्य विधवा महिलाओं को बैंकों से तीन लाख रुपये तक का लोन मिलता है, जिससे वे अपना खुद का बिज़नेस शुरू कर सकें। सरकार ब्याज पर सब्सिडी भी देगी। हरियाणा महिला विकास निगम इस योजना के तहत बैंक लोन पर देय ब्याज की भरपाई करता है। यह ब्याज सब्सिडी तीन साल या अधिकतम 50,000 रुपये तक देय होगी।
विधवा अनुदान कार्यक्रम के लिए पात्रता मानदंड क्या हैं?
पात्रता मानदंडों के अनुसार, आवेदक महिला की वार्षिक आय कम से कम तीन लाख रुपये होनी चाहिए। उसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। वह हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसने पहले किसी लोन का डिफ़ॉल्ट नहीं किया होना चाहिए।
किस तरह के स्वरोजगार उद्यम लोन के लिए पात्र हैं?
विधवा अनुदान योजना के तहत विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत सेवाओं जैसे डेयरी फार्मिंग, ऑटो-रिक्शा/ई-रिक्शा सेवाएं, सैलून, ब्यूटी पार्लर, सिलाई, बुटीक, पापड़ और अचार बनाना, मिठाई की दुकानें, खाने की दुकानें, आइसक्रीम पार्लर, बिस्किट बनाना, टिफिन सेवाएं, स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई आदि के लिए लोन उपलब्ध हैं।













