Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब जो छात्र लगातार स्कूल से गायब रहेंगे, उनकी छात्रवृत्ति रोक दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि छात्रवृत्ति केवल उन छात्रों को दी जाएगी जो नियमित रूप से स्कूल आते हैं। साथ ही, अभिभावकों को अपने बच्चे की छुट्टी के लिए वॉट्सऐप ग्रुप में प्रार्थना पत्र भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सूचना के अनुपस्थिति को गैरहाजिर माना जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की गैरमौजूदगी पर नियंत्रण रखा जा सके।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है। उच्च अधिकारियों के औचक निरीक्षण में पता चला है कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति कम होती है। शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों ने भी बताया है कि पढ़ाई के नतीजों में गिरावट का मुख्य कारण छात्रों की कम उपस्थिति है।
यह भी पाया गया है कि कई छात्र नियमित स्कूल नहीं आते और उनके माता-पिता भी इस मामले में गंभीर नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाएं। किसी भी विद्यार्थी को बिना आवेदन के अनुपस्थित न रहने दिया जाए।
अगर कोई छात्र लगातार तीन दिन बिना सूचना के स्कूल नहीं आता है तो कक्षा अध्यापक को अभिभावकों से संपर्क करना होगा और प्राप्त जानकारी को स्कूल के रिकॉर्ड में दर्ज करना अनिवार्य होगा। वहीं, सात दिन से लगातार अनुपस्थित छात्र की जानकारी एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
दस दिन से अधिक गैरहाजिरी वाले छात्रों के नाम को ‘ड्रॉपआउट’ रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। ऐसे छात्रों को वापस स्कूल लाने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे। अगर कोई छात्र नाम कटने के बाद फिर से दाखिला लेना चाहता है तो उसे बिना किसी शुल्क के तुरंत प्रवेश दिया जाएगा। स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी छात्र को दाखिला देने में अनावश्यक देरी न करें।













