Haryana News: हिसार में पंचायत विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि अब गांव की तरह शहरी इलाकों में भी 20 साल से कब्जाधारकों को जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी और पात्र लोगों को कलेक्टर रेट पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के साथ कई शर्तें भी जुड़ी हैं, जिनके आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
शुक्रवार को जनपरिवाद समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री पंवार ने बताया कि सरकार ने पहले से गांव की पंचायती जमीन पर 500 गज तक के मकानों के मालिकाना हक देने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। अब इसी तरह की व्यवस्था शहरी क्षेत्रों में भी लागू की जा रही है।
शहरी क्षेत्र में पहली बार 20 साल से पट्टा धारक दुकानदारों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया था। अब मकानों के लिए भी इसी तरह का फैसला लिया गया है। हालांकि मकान का क्षेत्रफल 500 गज से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा यह जरूरी है कि जमीन जोहड़, रास्ते या फिरनी जैसी सार्वजनिक उपयोग की जमीन न हो।
इस योजना से जुड़ी खास बात यह है कि इसके लागू होने से अदालत में लंबित सैकड़ों मामले खत्म हो जाएंगे। इससे लोगों को अपनी जमीन के दस्तावेज मिलने में आसानी होगी और वे अपने घरों के मालिक बन सकेंगे।
मंत्री पंवार ने बताया कि हिसार जिले से अब तक इस योजना के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने विधायक रामचंद्र गौतम और राज्यसभा सदस्य रामकुमार जांगड़ा के विवादित बयानों पर कहा कि उन्होंने वह बयान नहीं सुना है इसलिए इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
यह योजना हिसार में कब्जाधारकों के लिए राहत लेकर आएगी और लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक दिलाने में मददगार साबित होगी। इस कदम से शहरी क्षेत्र में जमीन संबंधी विवादों को काफी हद तक खत्म किया जा सकेगा।













