Haryana News: हरियाणा में सरकारी भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। खेल विभाग की जांच रिपोर्ट में 143 खिलाड़ियों के ग्रेडेशन प्रमाणपत्र संदिग्ध, अमान्य और फर्जी पाए गए हैं। इससे न केवल असली खिलाड़ियों का अधिकार मारा गया है, बल्कि भर्तियों की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
फर्जी प्रमाणपत्रों से भर्तियों में मिली गड़बड़ी
रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में खेल कोटे के तहत कई ऐसे सर्टिफिकेट बनाए गए जो असली नहीं थे। कुछ प्रमाणपत्र 2012, 2014, 2016 और 2018 के आयोजनों के बताए गए थे, लेकिन संबंधित संघों ने उन प्रतियोगिताओं के होने से ही इनकार कर दिया। कुछ खिलाड़ियों के पास नकली और असली दोनों तरह के दस्तावेज थे। इसके अलावा जूनियर कैटेगरी के प्रमाणपत्र को सीनियर कैटेगरी के रूप में इस्तेमाल करना भी नियमों के खिलाफ पाया गया।
मान्यता प्राप्त संघों की कमी
जांच में कई प्रमाणपत्र ऐसे मिले जो न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी थे और न ही राष्ट्रीय महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध थे। इन संघों ने बिना मान्यता के ही खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट जारी किए। जांच के दौरान संबंधित फेडरेशनों से सर्टिफिकेट की सूची बनाकर सत्यापन कराया गया, जिसमें कई प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।
खेलों में बड़ी अनियमितताएं
ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं। ताइक्वांडो के कई सर्टिफिकेट मान्यता रहित पाए गए। एथलेटिक्स के भी कई प्रमाणपत्र फर्जी घोषित हुए। वॉलीबाल और थ्रोबाल में दर्ज उपलब्धियां गलत साबित हुईं। कबड्डी के प्रमाणपत्र भी बिना मान्यता प्राप्त संघों से मिले।
सबसे ज्यादा खिलाड़ी हिसार, जींद और फतेहाबाद से
जांच सूची में हिसार के 36 खिलाड़ी, जींद के 31, फतेहाबाद के 20, चरखी दादरी के 8, सोनीपत और कैथल के 6-6, महेंद्रगढ़ के 9, रोहतक के 3, करनाल के 4, पानीपत के 13, कुरुक्षेत्र व भिवानी के 2-2, रेवाड़ी, सिरसा और झज्जर के 1-1 खिलाड़ी शामिल हैं।













