Haryana News: हरियाणा सरकार ने श्रम संबंधी विवादों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए सोनीपत, पलवल, रेवाड़ी, झज्जर और बावल में नए श्रम न्यायालय स्थापित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन न्यायालयों के गठन में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे श्रमिकों को समय पर न्याय मिलने में मदद मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
यह निर्देश मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने अधिकारियों को सोनीपत और करनाल में प्रस्तावित ईएसआई अस्पतालों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने को कहा। इन अस्पतालों के बनने से प्रदेश के श्रमिकों, औद्योगिक क्षेत्रों के कामगारों और आसपास के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि बावल में ईएसआई अस्पताल का निर्माण कार्य 86 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा पंचकूला में 97 प्रतिशत और बहादुरगढ़ में 96 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। यह अस्पताल जल्द ही कार्यरत होंगे और श्रमिकों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।
इसके साथ ही, प्रदेश सरकार ने अंत्योदय आहार योजना के तहत वर्ष 2027 तक 250 कैंटीन खोलने का लक्ष्य रखा है। इन कैंटीनों में श्रमिकों को किफायती दरों पर शुद्ध और पौष्टिक भोजन मिलेगा, जिससे उनकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों सुधरेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक समाज प्रदेश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है। उनकी सुरक्षा, सुविधा और अधिकारों की रक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसीलिए सरकार लगातार उनके हित में काम कर रही है ताकि वे अपने जीवन और काम में बेहतर माहौल पा सकें।













