Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में सड़क सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बढ़ती छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉर्निंग पीक टाइम में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाए ताकि विद्यार्थियों को सफर में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाई जाए और कम अंतराल पर बसें चलाकर बच्चों की यात्रा आसान और सुरक्षित बनाई जाए। साथ ही, निजी बसों में भी सरकारी बसों की तरह स्टूडेंट पास सुविधा अनिवार्य की जाए ताकि सभी बच्चों को समान सुविधा मिले। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि यदि कोई शिकायत आती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा किसी भी हालत में समझौता नहीं हो सकती। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे स्कूल बसों के सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करवाएं और बसों में लगे जीपीएस सिस्टम का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें। इससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी और कोई भी अनहोनी होने पर तुरंत पता चल सकेगा।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित करने और 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह खत्म करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस काम को मिशन मोड में तेजी से चलाया जाए ताकि जल्द से जल्द सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा और हर ब्लैक स्पॉट पर प्रभावी समाधान लागू किए जाने चाहिए।
इस बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सड़क सुरक्षा को लेकर सभी विभाग मिलकर काम करेंगे और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि सुरक्षित सड़कें ही जीवन की सुरक्षा हैं और इसके लिए सभी स्तरों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।













