Delhi News: क्या नए साल से दिल्ली की सड़कों पर भारत टैक्सी निजी कंपनियों को टक्कर देगी?

On: December 17, 2025 2:15 PM
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Delhi News: क्या नए साल से दिल्ली की सड़कों पर भारत टैक्सी निजी कंपनियों को टक्कर देगी?

Delhi News: दिल्लीवासियों को सरकार ने नए साल से एक नया तोहफा दिया है। जी हां, भारत में टैक्सी सेवा की औपचारिक शुरुआत होगी। केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने यह सरकारी टैक्सी सेवा शुरू की है, जो 1 जनवरी से दिल्ली की सड़कों पर चलेगी। यह निजी टैक्सी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो सहकार मॉडल के माध्यम से सस्ती, भरोसेमंद और ड्राइवर हितैषी टैक्सी सेवा देना चाहता है।

दिल्ली, जहां इसका ट्रायल पहले से ही पूरा हो चुका है, भारत में पहली बार टैक्सी का संचालन करेगा। 1 जनवरी से लोग भारत टैक्सी का ऐप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करके टैक्सी बुक कर सकेंगे। परीक्षण के दौरान हजारों लोगों को फोन नंबर देकर सेवा का परीक्षण किया गया, जिससे सिस्टम की क्षमता और संचालन प्रणाली का पता चला।

भारत में टैक्सी कैसे काम करेगी और सुविधाएं क्या होंगी?

भारत में तीन प्रकार की टैक्सी सेवा शुरू की जा रही है: ऑटो, कार और बाइक। इससे यात्रियों को कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक के लिए विभिन्न प्रकार का परिवहन मिल सकेगा। सहकारिता मंत्रालय ने इस सेवा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए हैं। इस टैक्सी सेवा को दिल्ली के बाद जल्द ही गुजरात के राजकोट में भी ट्रायल किया जाएगा, फिर वहां परिचालन शुरू किया जाएगा।

यह सेवा का सबसे बड़ा गुण है कि यह एक सहकार मॉडल है, जिसमें ड्राइवरों की सुरक्षा और आमदनी सबसे महत्वपूर्ण है। भारत में टैक्सी ड्राइवरों को कुल आय का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मिलेगा। शेष लगभग २० प्रतिशत राशि भी ड्राइवरों के स्वास्थ्य और परिचालन खर्चों में खर्च की जाएगी, जिससे उन्हें दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

ड्राइवरों की व्यापक भागीदारी और बलिष्ठ आधार

दिल्ली में भारत टैक्सी सेवा में अब तक 56,000 से अधिक चालकों ने नामांकन किया है। इस आंकड़े से पता चलता है कि ड्राइवरों में इस सरकारी सहयोग मॉडल को लेकर बहुत उत्साह है। पंजीकरण की बड़ी संख्या का संकेत है कि सेवा शुरू होते ही पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिससे यात्रियों को इंतजार करने की कोई समस्या नहीं होगी।

यह टैक्सी सेवा, सहकार मॉडल के तहत संचालित होने वाली, ड्राइवरों को स्थिर आय और बेहतर परिस्थितियां देने का दावा करती है। यह मॉडल निजी कंपनियों की तुलना में अधिक टिकाऊ माना जाता है क्योंकि कमीशन कम हैं और ड्राइवरों को अधिकांश आय मिलती है। इससे ड्राइवरों का इस नई सेवा पर भरोसा बढ़ा है।

ओला, ऊबर और रैपिडो जैसी निजी टैक्सी कंपनियों ने भारत टैक्सी को एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा है। सहकार मॉडल के माध्यम से भारत में टैक्सी की दरें कुछ कम होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि कम किराया, पारदर्शी व्यवस्था और ड्राइवरों की सुविधाओं पर फोकस इस सेवा को लोकप्रिय बनाएंगे।

1 जनवरी से ऐप को सार्वजनिक करने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि भारत ने टैक्सी बाजार में कितनी जल्दी प्रवेश किया है। भविष्य में दिल्ली के बाद राजकोट में इस सेवा का विस्तार हो सकता है, जिससे सरकारी सहकार मॉडल की टैक्सी सेवा देश भर में लोकप्रिय होगी।

सुनील चौहान

मै पिछले 6 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। हमारा मकसद जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजागर करना है।

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