Breaking News: सरकार ने व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सुधार किए हैं। अब नई दुकानों को एक दिन में लाइसेंस मिल सकेगा। 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। पहले यह प्रक्रिया 15 दिन लेती थी और 10 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य था।Breaking News
हरियाणा सरकार ने राज्य में निवेश बढ़ाने और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) से जुड़ी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब शहरों में CLU के लिए केवल तीन दस्तावेज जमा करने होंगे।Breaking News
यहां भी किया बदलाव: औद्योगिक क्षेत्रों में तत्काल अनुमति जारी की जाएगी, जबकि भवन निर्माण के नियमों को लचीला बनाया गया है। सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने पर पूरे जोन क्षेत्र में ग्राउंड कवरेज की अनुमति भी दी जाएगी।
इसके अलावा, आक्यूपेशन और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए भी दस्तावेजों की संख्या घटाकर तीन कर दी गई है। उच्च जोखिम वाले भवनों में स्व-प्रमाणन की सुविधा बढ़ाई गई है, जो 31 अक्तूबर तक लागू होगी।
वैधता भी हुई कम: 712 गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को श्वेत श्रेणी में रखकर उन्हें प्रदूषण नियंत्रण की अनुमति से मुक्त किया गया है। वहीं, अग्नि सुरक्षा एनओसी की वैधता कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए 5 वर्ष और उच्च जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए 3 वर्ष तय की गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में भी सरकार ने समयसीमा घटाई है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहमति प्रक्रिया की अवधि 21 कार्यदिवस कर दी है। कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए स्व-प्रमाणन और स्वत: नवीनीकरण की व्यवस्था की गई है।
श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 10 घंटे कार्य और 48 घंटे साप्ताहिक सीमा तय की गई है, जबकि महिलाओं को अब सुरक्षा उपायों के साथ रात में काम करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, हरित श्रेणी की इकाइयों के लिए थर्ड पार्टी प्रमाणन प्रणाली लागू की जा रही है ।













