Haryana News: क्षेत्र में किसानों और मजदूरों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढुनी) की ओर से 3 अगस्त को रेवाड़ी में एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत को यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी संबोधित करेंगे। यह जानकारी यूनियन के रेवाड़ी जिलाध्यक्ष समय सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। बाजार में खराब हो चुकी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए पोर्टल अब तक नहीं खोला गया है और बीमा योजनाओं की शुरुआत नहीं हुई है। साथ ही, 2023 में बाजरे की फसल पर भावांतर की राशि अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची है। पिछले साल ओलावृष्टि से लगभग 80 गांव प्रभावित हुए थे, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर उस नुकसान का कोई हिसाब नहीं दिया गया है। किसान अपने मुआवजे के लिए लगातार भटक रहे हैं।Haryana News
महापंचायत के बाद किसान यूनियन की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यूनियन का कहना है कि यह ज्ञापन नहीं, बल्कि चेतावनी पत्र होगा, क्योंकि अहीरवाल क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा और सख्त निर्णय भी लिए जाएंगे।
यूनियन ने अमेरिका से हो रहे समझौते को भी किसान-मजदूर विरोधी बताया और इस पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की जरूरत जताई है। इस आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए किसान भवन में बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शीशराम, पुरुषोत्तम, राजकुमार, राजेंद्र कुमार गेरा, प्रदीप डूंगरवास, बाबूलाल रोडवेज, बाबूलाल कालका, रतिराम दहिया, मनफूल चौधरी, ओपी लुहाना, राजेंद्र प्रसाद राजपुरा समेत अनेक किसान नेता मौजूद रहे।













